ए. आर. रहमान ने ‘मंगल रंग’ की आलोचना पर तोड़ी चुप्पी, पुराने सुरों की तुलना अचार से की

रणबीर कपूर की फिल्म ‘रामायण’ के गीत ‘मंगल रंग’ को लेकर हो रही आलोचना पर संगीतकार ए. आर. रहमान ने अपनी बात रखी है। उन्होंने सुरों की पुरानी परंपराओं का बचाव करते हुए कहा कि कुछ धुनें वक्त के साथ और बेहतर लगती हैं। उनके मुताबिक, कुछ संगीत को समझने और उसकी सराहना करने के लिए समय देना पड़ता है।
रहमान ने इस बात को अचार से जोड़ते हुए कहा, “कुछ धुनों के लिए, अचार की तरह, जितना पुराना उतना बेहतर।” उनका यह उदाहरण गीत पर आई प्रतिक्रियाओं के बीच चर्चा में आया। उन्होंने आलोचना का जवाब देते हुए यह संकेत दिया कि किसी रचना का असर तुरंत समझ में आए, यह जरूरी नहीं; कुछ धुनें धीरे-धीरे श्रोताओं के बीच अपनी जगह बनाती हैं।
‘मंगल रंग’ ‘रामायण’ से जुड़ा गीत है, जिसमें रणबीर कपूर नजर आएंगे। फिल्म के संगीत को लेकर श्रोताओं की राय बंटी हुई बताई जा रही है और गीत पर प्रतिक्रिया सामने आने के बाद रहमान की टिप्पणी ने बहस को फिर से चर्चा में ला दिया है।
रहमान ने अपने बयान में किसी खास आलोचक का नाम नहीं लिया। उन्होंने गीत को लेकर उठी आपत्तियों के जवाब में अपनी संगीत-दृष्टि साझा की और पुराने सुरों की अहमियत पर जोर दिया। उनकी अचार वाली तुलना ने आलोचना के बीच गीत के पक्ष में एक अलग तर्क पेश किया: समय के साथ कुछ धुनों का स्वाद बदल सकता है और वे सुनने वालों को बाद में अधिक पसंद आ सकती हैं।
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