शरद केलकर ने बताया, यश के रावण के लिए डबिंग करना उनके सबसे कठिन कामों में रहा

‘रामायण: राइज ऑफ अ लीजेंड’ में यश के रावण बनने की चर्चा के बीच शरद केलकर ने इस किरदार के लिए अपनी आवाज देने के अनुभव के बारे में बताया है। उनके मुताबिक, यश के लिए डबिंग करना आसान काम नहीं था और यह उनके अब तक के सबसे चुनौतीपूर्ण कामों में से एक रहा।
फिल्म से जुड़े इस अनुभव पर बात करते हुए शरद ने कहा कि रावण की भूमिका के लिए यश की आवाज और अभिनय के अनुरूप डबिंग करना उनके लिए सहज नहीं था। उन्होंने माना कि इस किरदार को आवाज में उतारने के लिए खास मेहनत करनी पड़ी। शरद ने कहा, “उनके लिए डबिंग करना बिल्कुल भी आसान नहीं था।”
रावण जैसे चर्चित पात्र को पर्दे पर जीवंत करने के लिए कलाकार के अभिनय के साथ आवाज का असर भी अहम माना जाता है। शरद की टिप्पणी से संकेत मिलता है कि यश की प्रस्तुति के साथ तालमेल बैठाना उनके लिए एक अलग चुनौती थी। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में डबिंग के दौरान सामने आई किसी खास तकनीकी दिक्कत या प्रक्रिया का विवरण नहीं दिया गया है।
‘रामायण: राइज ऑफ अ लीजेंड’ में यश की भूमिका को लेकर दर्शकों की उत्सुकता के बीच शरद की यह बात फिल्म के निर्माण से जुड़े एक पहलू पर रोशनी डालती है। उन्होंने अपने अनुभव को कठिन बताया, लेकिन यह नहीं कहा कि काम पूरा करने में कितनी अवधि लगी या उन्हें किन दूसरे कलाकारों के साथ डबिंग करनी पड़ी।
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